

बलौदाबाजार। आजकल के डिजिटल जमाने में जहां एक तरफ सब कुछ ‘स्मार्ट’ हो गया है, वहीं ठग भी शातिर और ‘ओवर-स्मार्ट’ हो चुके हैं। लेकिन कहते हैं न कि “कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं” और जब पुलिस ठान ले, तो साइबर ठगों की सारी चालाकी धरी की धरी रह जाती है। ऐसा ही एक दिलचस्प और राहत भरा मामला सामने आया है बलौदाबाजार-भाटापारा जिले से, जहां पुलिस ने अपनी तत्परता से एक महिला के चेहरे पर खोई हुई मुस्कान वापस ला दी।
क्या था पूरा मामला?
बात पिछले साल के आखिरी हफ्ते की है। ग्राम सिसदेवरी की रहने वाली श्रीमती लता बाई फेकर को क्या मालूम था कि डिजिटल दुनिया का एक शातिर झटका उनकी गाढ़ी कमाई पर डाका डाल देगा। 26 दिसंबर 2025 को उनके साथ ₹1,00,000 की ऑनलाइन साइबर ठगी हो गई।
पैसे कटने का मैसेज देखकर पैरों तले जमीन खिसकना लाजमी था, लेकिन लता बाई ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने बिना वक्त गंवाए उसी दिन राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करा दी।
पुलिस एक्शन मोड में: ‘ठग’ आगे, पुलिस उससे भी आगे!
शिकायत मिलते ही बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आ गई। मामला ₹1 लाख की ठगी का था, इसलिए समय बेहद कीमती था। पुलिस की साइबर टीम ने तत्काल संबंधित बैंकों और साइबर एजेंसियों से संपर्क साधा और ‘डिजिटल घेराबंदी’ शुरू की।
नतीजा: पुलिस की इस जबरदस्त फुर्ती और सतर्कता के आगे ठग बेबस हो गए। पुलिस ने उस ₹1,00,000 की राशि को आगे ट्रांसफर होने से पहले ही सफलतापूर्वक होल्ड (फ्रीज) करा दिया। यानी ठगों के हाथ में पैसा पहुंचने से ठीक पहले पुलिस ने उस पर ताला लगा दिया!
लौट आई चेहरे की मुस्कान: “थैंक यू बलौदाबाजार पुलिस!”
होल्ड कराने के बाद कानूनी और विभागीय प्रक्रियाओं को पूरा किया गया। और आखिरकार आज, यानी 29 मई 2026 को थाना पलारी में प्रार्थिया लता बाई को उनके पूरे ₹1,00,000 वापस सौंप दिए गए।
अपनी डूबी हुई रकम को वापस पाकर लता बाई की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने नम आंखों और मुस्कुराते चेहरे के साथ बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस का दिल से आभार जताया और उनकी इस त्वरित व सराहनीय कार्रवाई की जमकर तारीफ की।
पुलिस की जरूरी ‘पाठशाला’: कहीं आपकी बारी न आ जाए!
इस बड़ी कामयाबी के बाद बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस ने आम जनता के लिए एक बेहद जरूरी और काम की सलाह जारी की है:
1930 है आपका रक्षक: यदि आपके साथ किसी भी तरह की ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक या साइबर फ्रॉड होता है, तो घबराएं नहीं। तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
समय ही पैसा है: जितनी जल्दी आप शिकायत दर्ज कराएंगे, ठगी गई रकम को होल्ड करने और उसे वापस पाने की संभावना उतनी ही ज्यादा (Golden Hours में) बढ़ जाती है।
पोर्टल का लें सहारा: आप तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस का साफ संदेश है: “सजग रहें, सतर्क रहें… आपकी सुरक्षा और सेवा में हम सदैव तत्पर हैं!”





